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परिश्रम से पिछड़ेपन को पछाड़ा (Jivan Gujalwar)

 

फिल्‍मी सेट बनाने का मिला मौका

 
दोनों ने फिल्‍म सेट बनाने का काम किया. देवदास ' में उन्हें अच्छा ब्रेक मिला.
श्री नितिन देसाई, श्री नरेंद्र राहुरीकर जैसे लोगों के साथ काम किया. 7-8
फिल्मों में काम करने के बाद क्रिएटिव” दुनिया की वास्तविकता से वे रूबरू हुए
और यह भी समझ गए कि इतना वक्‍त खुद के कार्य के लिए दिया जाए, तो
कहीं का कहीं पहुंचा जा सकता है.

5 वर्षों तक नहीं आ पाए घर

 
अनुभव लेने के प्रयास में दोनों की हालत ऐसी हो णई कि 5 वर्षों तक अपने घर 
नहीं आए. यहीं उन्हें लगा कि ऐसी जिंदगी से कोई लाभ नहीं, जो माता-पिता से
दूर रखे. तब मां बीमार भी चल रही थी, लेकिन नहीं देख पाने का मलाल था.
अंततः 2004 में दोनों भाई वापस नागपुर आ गए. परिवार और घर के नजदीक.
नरेंद्रनगणर में 2 कमरे लेकर खुद के जीवन के सफर की शुरुआत की. । कमरे
को आफिस बनाया और | में रहने लगे. ग्लास वर्क का काम शुरू किया, कभी
भटके पर सहयोग नहीं मिला. तब इन्हें आर्किटेक्ट श्री प्रशांत सातपुते, श्री आनंद
चांडक का भरपूर मार्गदर्शन मिला. आर्किटेक्ट श्री किशोर चिट्दरवार ने इन्हें ब्रेक
दिया. दोनों के जीवन में टीमवन आर्किटेक्ट मुंबई के श्री भरत यमसनवार का
विशेष योगदान रहा है. उन्होंने दोनों को 'सफलता की चाबी' प्राप्त करने का मूलमंत्र दिया. दोनों भाइयों को 5,000 का पहला आर्डर मिला, परंतु पूरा करने
के लिए मशीनें नहीं थीं. किराये की मशीनों पर इन्होंने काम पूरा किया. बॉठम
में काम करने पर इन्हें अनुभव भी मिला और सफलता की बुनियाद खड़ी कर दी.

ग्लास वर्क के बाद इंटीरियर

दोनों ने ग्लास वर्क के कार्य के साथ-साथ इंटीरियर का कामआये बढ़ाया. यहां 
पर श्री रवि गोविंदवार ने ब्रेक दिया. इसके बाद इन्होंने पीछे मुड़ कर नहीं देखा.
ही वर्ष में 0 से अधिक कार्य मिल गए, फिर पैकेज मिलने लगा. श्री प्रफुल
गुजलवार नेनिर्माण क्षेत्र में पहला ब्रेक दिया. अब तक ये इंटीरियर के 25 से अधिक कंस्ट्रक्शन के 40 से अधिक प्रोजेक्ट पूर्ण कर चुके हैं.
Bungalow – Haveli pattern Project By A-globia

A new project is out!!Bungalow - *Haveli pattern* We redesigned it with modern touch.--- *A perfect blend* We have used *Classical theme* with the light colored scheme.The designs features monochromatic and tonal color elements in the background artworks.#tvroomdesign #poojaroomdesign #interiordesign #interior_and_living #interiordetails #interiordesignlovers #interiordesigning #interiordesignmagazine #creatadesign #creatagroup #creatainterior #havelidesign

Jivan Gujalwar यांनी वर पोस्ट केले रविवार, १२ जानेवारी, २०२०

एक दूसरे के लिए कुछ भी करने तैयार

(Vikas Gujalwar)

 

कॉफिडेंस देगा नया कांफिडेंस

कॉफिडेंस समूह की 'कारपोरेट बिल्डिंग' की डिजाइन दोनों ने कई 
आर्किटेक्ट को पीछे छोड़ते हुए दोनों ने इसे हासिल किया जे पड
किक आधुनिकता और डिजाइन के मामले में बेमिसाल होगी.
संभवत है. नागपुर में यह बिल्डिंग 16 मंजिली और अत्याधुनिक
सुविधाओं से लैस होगी. यह इनके अब तक होगी प्रोजेक्ट होगा.

मंदिर से मिली नई पहचान

दोनों ने मिलकर मंदिर की ऐसी डिजाइन तैयार की, जो देश-दुनिया में
काफी लोकप्रिय हो चुकी है. मंदिर को घर के अंदर से ड्राइंगरूम में
लाने का काम इन दोनों ने बखूबी निभाया है. इनका कहना है कि
लोग घरों को आधुनिक बनाते हैं. ड्राइंगरूम, बेडरूम, बाथरूम तक
में लाखों खर्च करते हैं लेकिन मंदिर की ओर ध्यान नहीं देते. हमने
उनके समक्ष सुंदर, आकर्षक और बेहतरीन विकल्प दिए तो लोगों ने
'आंखों' में बसा लिया. अब हर सुंदर घर में मंदिर दिख जाता है.
वो भी ड्राइंगरूम मैं, मंदिर ग्लास, सागौन, मेटल, गोल्ड, डायमंड,
सिल्वर से बनाया जाता है, जिसकी कीमत 5,000 से लेकर 5 लाख
रुपये तक है. 200 से अधिक विकल्प हैं और ग्राहक की मांग पर भी
तैयार किया जाता है. आधुनिकता के साथ ही मंदिर में संस्कृति के
अनुसार सारी वस्तुएं भी लगाई गई है. दोनों भाइयों का एक ही लक्ष्य
है कि मंदिर को घर के प्रमुख स्थान पर जगह दिलाई जा सके. आज
उनकी मेहनत रंग ला रही है और अनेक घरों में मंदिर ड्राइंगरूम में देखने
को मिल रहे हैँ, दोनों का एक लक्ष्य और था कि अपने गांवों के युवाओं
को रोजगार दें. इस कार्य में भी दोनों भाई सफल हुए हैं. जांव एवं
आसपास के 50 से अधिक युवाओं को इन दोनों ने रोजगार उपलब्ध
कराया है. आज ये मंदिर सेगमेंट नागपुर के संतरे, हल्दीराम जैसा ब्राब्ड
बनता जा रहा है |

दोनों एक दूसरे की जान

श्री विकास और श्री जीवन एक दूसरे को जान से भी अधिक मानते हैं. 
एक के बर्जर दूसरे की कल्पना नहीं की जा सकती, भावनाओं के साथ
ये काम करते हैं व्यावसायिकता इनमें नहीं है ईमानदारी, समय पर आपूर्ति
इनका मूल मंत्र है. ग्राहक ही सर्वोपरि है. जुनून के साय ये काम को
तवज्जो देते हैं.

पत्नी का मिल रहा साथ 

श्री विकास की धर्मपत्नी श्रीमती स्नेहा जुजलवार एमएससी कम्प्यूटर है 
और श्री जी ही धर्मपत्नी श्रीमती अश्विनी ज़ुजलवार आर्किटेक्ट. दोनों
ही अपने पतियाँ के साथ कंध ; काम कर रही हैं. स्नेहा जहां वित्त
एवं प्रबंधन का काम करती कला हर को आकार दे रही हैं. शादी के
7 वर्षों के बाद अश्विनी ने मेरिट में आते हु हिग्री हासिल की है,
जो उनकी लगन को दर्शनि के लिए पर्याप्त है श्री विकास के पुत्र
मील जीवन की पुत्री अवनी, पुत्र लक्ष्य अभी स्कूली शिक्षा ले रहे हैं

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